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Siddharthnagar News: चकबंदी से गांव के विकास का रास्ता साफ
Sat, 22 Aug 2026 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 22 Aug 2026 02:16 AM IST
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सिक्टा में धारा-52 के प्रकाशन से पहले हुई गोष्ठी, किसानों को बांटे गए चकबंदी आकार पत्र-45 के उद्धरण
बांसी/पथरा। सिकटा गांव में चकबंदी प्रक्रिया के तहत धारा-52 के प्रकाशन से पहले चकबंदी विचार-विमर्श गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें किसानों की समस्याओं और चकबंदी प्रक्रिया से गांव में हुए बदलावों पर चर्चा की गई। अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी न्यायिक एवं उपसंचालक चकबंदी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने की।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निर्माण के दौरान किसानों के चकों को मुख्य मार्ग और चकमार्ग से जोड़ा गया है। जरूरत के अनुसार चकनालियों की भी व्यवस्था की गई। सार्वजनिक उपयोग के लिए सामान्य आबादी और अनुसूचित जाति आबादी के साथ बरात घर, कब्रिस्तान, श्मशान और सार्वजनिक रास्तों के लिए भूमि आरक्षित की गई है। इससे गांव में विकास कार्यों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध होने का रास्ता साफ हुआ है।
इस दौरान काश्तकारों को उनके नए गाटों से संबंधित चकबंदी आकार पत्र-45 के उद्धरण वितरित किए गए। एडीएम ने ग्रामीणों से चकबंदी से जुड़ी अवशेष समस्याओं और आपत्तियों की जानकारी ली। उन्होंने नियमानुसार समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
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बैठक में सहायक चकबंदी अधिकारी रियासत अली, चकबंदीकर्ता रवींद्र सिंह, चकबंदी लेखपाल मोहन, प्रधान प्रतिनिधि विनोद चौधरी समेत बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
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बांसी/पथरा। सिकटा गांव में चकबंदी प्रक्रिया के तहत धारा-52 के प्रकाशन से पहले चकबंदी विचार-विमर्श गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें किसानों की समस्याओं और चकबंदी प्रक्रिया से गांव में हुए बदलावों पर चर्चा की गई। अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी न्यायिक एवं उपसंचालक चकबंदी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने की।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निर्माण के दौरान किसानों के चकों को मुख्य मार्ग और चकमार्ग से जोड़ा गया है। जरूरत के अनुसार चकनालियों की भी व्यवस्था की गई। सार्वजनिक उपयोग के लिए सामान्य आबादी और अनुसूचित जाति आबादी के साथ बरात घर, कब्रिस्तान, श्मशान और सार्वजनिक रास्तों के लिए भूमि आरक्षित की गई है। इससे गांव में विकास कार्यों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध होने का रास्ता साफ हुआ है।
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इस दौरान काश्तकारों को उनके नए गाटों से संबंधित चकबंदी आकार पत्र-45 के उद्धरण वितरित किए गए। एडीएम ने ग्रामीणों से चकबंदी से जुड़ी अवशेष समस्याओं और आपत्तियों की जानकारी ली। उन्होंने नियमानुसार समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
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बैठक में सहायक चकबंदी अधिकारी रियासत अली, चकबंदीकर्ता रवींद्र सिंह, चकबंदी लेखपाल मोहन, प्रधान प्रतिनिधि विनोद चौधरी समेत बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।