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Hindi News ›   World ›   Harvard agrees to USD 53 million settlement over body parts stolen, sold by former morgue manager

USA: 47 परिवारों को 500 करोड़ रुपये देगा हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, मुर्दाघर प्रबंधक ने बेच दिए थे शवों के अंग

Fri, 21 Aug 2026 08:56 AM IST
Pavan पीटीआई, बोस्टन
पीटीआई, बोस्टन Published by: Pavan Updated Fri, 21 Aug 2026 08:56 AM IST
सार
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हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने पूर्व मुर्दाघर प्रबंधक द्वारा दान किए गए शवों के अंग चोरी कर बेचने के मामले में प्रभावित परिवारों को 5.3 करोड़ डॉलर देने पर सहमति जताई है। 47 परिवारों ने मुकदमा किया था। लॉज को आठ साल की सजा हो चुकी है। हार्वर्ड ने कार्यक्रम में सुधार और दानदाताओं के सम्मान में छात्रवृत्ति शुरू करने का भी फैसला किया है।

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Harvard agrees to USD 53 million settlement over body parts stolen, sold by former morgue manager
हार्वर्ड देगा 5.3 करोड़ डॉलर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने उन परिवारों को 5.3 करोड़ डॉलर (करीब 500 करोड़ रुपये) देने पर सहमति जताई है, जिनके परिजनों के शवों के अंग चोरी कर काले बाजार में बेचे गए थे। यह मामला स्कूल के पूर्व मुर्दाघर प्रबंधक सेड्रिक लॉज से जुड़ा है। अदालत की मंजूरी मिलने के बाद दो अलग-अलग सामूहिक मुकदमों के निपटारे के लिए यह रकम दी जाएगी। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के डीन जॉर्ज क्यू. डेली और बर्नार्ड एस. चांग ने एक पत्र में लॉज की करतूत को बेहद घृणित और मेडिकल समुदाय के मूल्यों के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी जताई।
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47 परिवारों ने किया था मुकदमा
इस मामले में उन 47 लोगों के परिजनों ने मुकदमा दायर किया, जिन्होंने मेडिकल रिसर्च और पढ़ाई के लिए अपने शरीर दान किए थे। हार्वर्ड का कहना है कि वह यह निश्चित तौर पर नहीं बता सकता कि लॉज ने किन-किन दानदाताओं के शवों से अंग निकाले थे। स्कूल ने 2018 से मार्च 2023 के बीच दान किए गए शवों के रिकॉर्ड और संघीय जांच से मिली जानकारी की समीक्षा की। इसी आधार पर संभावित रूप से प्रभावित दानदाताओं की पहचान करने की कोशिश की गई।
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दिमाग से लेकर हाथ और चेहरे तक बेचे
लॉज को 2023 में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, वह शवों के अंग चोरी कर उन्हें दूसरे राज्यों में खरीदारों तक पहुंचाने वाले एक भयावह नेटवर्क के केंद्र में था। उसने शवों से दिमाग, त्वचा, हाथ और चेहरे तक निकालकर बेच दिए। एक मामले में उसने एक खरीदार को मानव त्वचा दी थी, जिसका इस्तेमाल चमड़ा बनाकर एक किताब की जिल्द तैयार करने में किया जाना था। अभियोजक ने इसे बेहद भयावह घटना बताया था। लॉज ने अदालत में स्वीकार किया था कि वह शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजे जाने से पहले उनके अंग निकालता था। हार्वर्ड ने स्पष्ट किया है कि उसने यह काम संस्थान की जानकारी या अनुमति के बिना किया।
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पत्नी समेत कई लोग दोषी
सेड्रिक लॉज को पिछले साल आठ साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उसकी पत्नी डेनिस लॉज को भी इस मामले में मदद करने के लिए एक साल से कुछ अधिक समय की जेल हुई। इसके अलावा लॉज से शवों के अंग खरीदने वाले छह अन्य लोगों ने भी अपना अपराध स्वीकार किया और उन्हें सजा सुनाई गई।


परिवारों को भुगतान के अलावा छात्रवृत्ति भी
समझौते के तहत हार्वर्ड प्रभावित परिवारों को भुगतान करने के साथ-साथ एक आधिकारिक बयान भी देगा, जिसमें लॉज के कृत्य की निंदा की जाएगी और मेडिकल स्कूल के शव दान कार्यक्रम में किए गए सुधारों की जानकारी दी जाएगी। हार्वर्ड ने यह भी कहा है कि 2027-28 शैक्षणिक सत्र से मेडिकल छात्रों के लिए हर साल एक वित्तीय सहायता छात्रवृत्ति शुरू की जाएगी। यह छात्रवृत्ति उन लोगों के सम्मान में होगी, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए अपने शरीर दान किए। हार्वर्ड ने बताया कि 2023 में लॉज की गिरफ्तारी के बाद बाहरी विशेषज्ञों के एक पैनल ने उसके शारीरिक दान कार्यक्रम की समीक्षा की थी। पैनल की सभी सिफारिशों को लागू कर दिया गया है। हार्वर्ड के डीन ने कहा कि शरीर दान करने वाले लोग निस्वार्थ भाव से चिकित्सा शिक्षा और शोध में योगदान देते हैं। उनके साथ ऐसा व्यवहार मेडिकल समुदाय के मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है।
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